फिर…………….. Attack On france

फिर गोलियां चली
फिर लोग मरे,
फिर सहम गयी ज़िन्दगी
फिर लोग डरे.

फिर टूट रही डोर है
हर तरफ बस चींख का शोर है
तू जिसकी रक्षा कर रहां
क्या इतना वो कमजोर है

फिर दी दुहाई धर्म की
न लाज रखी शर्म की
फिर हमने उसपे छोड़ दिया
देगा सजा तेरे कर्म की.

फिर विलख रहां है ये मन
घिन हो रही क्यों है ये तन
फिर आज तेरे नाम पर
ये बन गयी धरा है रण

फिर सोच तू क्यों कर रहां
क्यों मारता क्यों मर रहां
फिर पूछेगा सवाल कोई
क्या कहेगा है ख्याल कोई !

– शिवम कुमार शर्मा

5 Comments

  1. सोनित 15/07/2016
    • kiran kapur gulati kiran kapur gulati 16/07/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 16/07/2016

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