एहसास – वेद प्रकाश राय

कहती है दुनिया जिसे प्यार,
नशां हैं खतां हैं….
हमने भी किया हैं प्यार,
इसलिए हमें भी पता हैं….
मिलती है थोड़ी खुशियाँ,ज्यादा गम
पर इसमें ठोकर खाने का भी,
कुछ अलग ही मज़ा हैं….

6 Comments

  1. babucm C.m.sharma(babbu) 13/07/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 14/07/2016
  3. वेद प्रकाश राय वेद प्रकाश राय 14/07/2016
  4. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 14/07/2016

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