इश्क-ऐ-गम………………….मनिंदर सिंह “मनी”

कहते हो तुम, तड़पाया न करू,
तुझे तेरे खवाबो में आ कर,
ऐ हबीब मेरे, ना कर इबादत,
जेहन में मेरी तस्वीर बना कर,
बहते अश्को को बहाना बना,
मुझ से छुपाया ना कर,
मुझसे दूरी, तेरी मजबूरी,
आँखों से अपनी सुनाया ना कर,
क्या हुआ ? मिल ना सके, मेरी,
यादों में खुद को जलाया ना कर,
पत्थर दिल लोग यहाँ, हर किसी को,
अपना इश्क-ऐ-गम सुनाया ना कर,

14 Comments

  1. सोनित 13/07/2016
    • mani mani 13/07/2016
    • mani mani 13/07/2016
  2. C.M. Sharma C.m.sharma(babbu) 13/07/2016
    • mani mani 14/07/2016
  3. sarvajit singh sarvajit singh 14/07/2016
    • mani mani 14/07/2016
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 14/07/2016
    • mani mani 14/07/2016
    • mani mani 14/07/2016
  5. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 14/07/2016
    • mani mani 14/07/2016

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