नफरत की आग

मेरें सारे खत वो आज
‘नफरत की आग’ मे जलां डाली……..
जो खुद ही बिते दिन मुझे
अपने खत से ही इजहार की थी……..

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  1. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 13/07/2016

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