प्यारा एहसास

फिर उड़ चालू इस दामन मैं
दूर है या पास
एक एहसास ही तो है जो लाता है हम सब को पास
यह प्यारा एहसास ही है हो बनाता है हर पल खास
मीटती नहीं ये यादें जी लेने दो ये पल
ये पल यही तो है जो याद आएंगे कल
ये बड़ रहा मुसाफिर कल चला जायेगा
नदियों की तरह ये भी भूल जायेगा
बस इंतज़ार है आँखों मैं उसकी
कि एक दिन तो जाना है
वादा है हमारा कि उम्र भर साथ निभाना है
एक दिन आया था आज चला जाऊंगा
मुसाफिर बन कर आया था फरिश्ता बन कर जाऊंगा

3 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 13/07/2016

Leave a Reply