कही देर न हो जाए – अनु महेश्वरी

कही देर न हो जाए,
कही देर न हो जाए,
बीता अपना जीवन जाए,
कही देर न हो जाए ।

कर्म तू ऐसे करले कुछ ,
जो दुनिया में रह जाए ,
मीठी यादें छोड़ना ,
कड़वा कुछ न बोलना ।

कही देर न हो जाए,
कही देर न हो जाए

नेकी तेरे साथ चलेगी,
और कुछ न ले पाएगा,
मुट्ठी बंद आया ,
हाथ पसारे जायेगा ।

कही देर न हो जाए,
कही देर न हो जाए ।

“अनु माहेश्वरी ”
चेन्नई

8 Comments

    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 14/07/2016
  1. mani mani 14/07/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 14/07/2016
  2. babucm babucm 14/07/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 14/07/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 14/07/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 15/07/2016

Leave a Reply