गुलाब व्यथित है ….

खुश्बू देना ही मकसद है मेरे वजूद का—-

तुम तो बस मुझे तोड़ लेते हो
और जूड़े में सजा लेते हो.

हद है तुम्हारे प्यार की …..
मेरी जान ही ले लेते हो!

5 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 12/07/2016
    • Vivek Singh Vivek Singh 13/07/2016
  2. C.M. Sharma C.m.sharma(babbu) 12/07/2016
  3. Punkaj Goyal 08/08/2016

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