तजुर्बा………..मनिंदर सिंह “मनी”

झूठ के टिले बना लिए मैंने,
मुश्किल है मेरी अब,
ना वो दिखाए जाये,
ना वो झुठलाए जाये,
आगे बढ़ने की ख्वाहिश मेरी,
जुनून सा बन गयी,
शार्ट कट का लिया सहारा मैंने,
ना पीछे मुडा जाये,
ना आगे बढ़ा जाये,
रफ़्तार थी जो उचाईयो की,
एकदम थम सी गयी,
ना सम्भला जाये,
ना गिरा जाये,
लोग क्या कहेंगे ?
क्या सोचेंगे ? इसी सोच में,
ना घर से निकला जाये,
ना घर पर बैठा जाये,
धीरे-धीरे बढ़े होते कदम तो,
छोटा ही सही, पक्का मुकाम होना था,
दिया जिंदगी ने तजुर्बा ऐसा,
किसी को बताया भी ना जाये,
और बताये बिना रहा भी ना जाये,
झूठ के टिले………………..

14 Comments

  1. babucm babucm 12/07/2016
    • mani mani 12/07/2016
  2. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 12/07/2016
    • mani mani 12/07/2016
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 12/07/2016
    • mani mani 12/07/2016
    • mani mani 12/07/2016
  4. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 12/07/2016
    • mani mani 12/07/2016
    • mani mani 12/07/2016
  5. sarvajit singh sarvajit singh 12/07/2016
    • mani mani 12/07/2016

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