एक आस एक ख्वाइश

जीने की ख़ुशी मैं गम नहीं भूलने चाहिए
आज जो भी है उसी मैं ही खुश रहना चाहिए
चाहत की आग मेरे सीने मैं नहीं
तो तेरे सीने मैं सही , मगर आग जलनी चाहिए
पा सकता हू उस मुकाम को मैं
आज नहीं तो कल मगर खवाइश होनी चाहिए
हिम्मत नहीं तो कुछ नहीं मगर सपना बड़ा होना चाहिए
कुछ पाने की ललक की आग दहकनी चाहिए
सपने बड़े होने चाहिए , मेहनत करने वाला होना चाहिए
उस हिमालय की तरह जिससे गंगा बहनी चाहिए

हर गली मोहल्ले मैं इंसान होने चाहिए
कुछ कर गुजरने की चाहत सीने मैं होनी चाहिए

सिर्फ मेहनत नहीं विवेक होना चाहिए
कुछ कर गुजरने की आस होनी चाहिए
हिम्मत से काम लो , ये दुनिया मजाक उड़ाती है
अगर बड़ा बन जाओ तो दुनिया कदमो मैं जुख जाती है

4 Comments

    • santosh71 santosh71 12/07/2016
  1. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 12/07/2016
  2. santosh71 santosh71 12/07/2016

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