नमक- वेद प्रकाश राय

नमक तुम हाथ में लेकर,
सितमगर सोचते क्या हो,,
हजारों जख्म है दिल पर,
जहाँ चाहो छिड़क
डालो…!!

4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 12/07/2016

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