आँखों में तुम्हारे………

आँखों में तुम्हारे तूफ़ान सा क्यूँ है ।
प्यार आज इतना अंजान सा क्यूँ है ।
लगता है नजरें किसी की लग गईं,
बुझा-बुझा आज अरमान सा क्यूँ है ।
जमींदोज हो गईं क्या वफ़ा की राहें,
आज प्यार पर इल्जाम सा क्यूँ है ।
बिना प्यार के तो जिंदगी कुछ नहीं,
दिख रहा सामने श्मशान सा क्यूँ है ।

विजय कुमार सिंह
vijaykumarsinghblog.wordpress.com

16 Comments

  1. mani mani 11/07/2016
  2. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 11/07/2016
  3. C.M. Sharma babucm 11/07/2016
  4. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 11/07/2016
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 11/07/2016
  6. Rinki Raut Rinki Raut 11/07/2016
  7. sarvajit singh sarvajit singh 11/07/2016

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