एक हकीकत

जमीन पे रहकर आसमान से बाते करो
सपने मैं नहीं हकीकत मैं विश्वास रखो
पंछी जो उड़ गया आसमान मैं
उसकी नहीं उसकी हुनर की तारीफ करो
मुझ पे नहीं लेकिन खुद पर ऐतबार रखो
तूफ़ान से डरते ये बुज़दिल यारो
मेहनत करके जिंदगी सवारों

किसी भी कीमत पर हिमत मत खोना
वरना किसान भी पूछे ये मिटटी है या सोना
ठोकर खा कर इंसान नहीं सम्हल जाये
वो इंसान क्या जो फिर भी न बदल पाए
तेरी किस्मत कभी भी बदल सकती है
तेरा एक कदम जिंदगी सवार सकती है
मिट रहा हू आज तेरी याद मैं
किस्मत द्वार पर खड़ी है तेरी सौगात मैं
किसी से कोई उम्मीद मत रख
पता नहीं अब कौन कर रहा तेरी परख

One Response

  1. C.M. Sharma babucm 11/07/2016

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