एहसास – अनु महेश्वरी

दूर हो या पास,
रिश्तों का एहसास,
काफी है जीने के लिए।
मुश्किल राहों में ,
अपनों का साथ,
काफी है जीने के लिए।
ना हो तू पास ,
प्यार का एहसास ,
काफी है जीने के लिए ।

‘अनु माहेश्वरी ‘
चेन्नई

2 Comments

  1. babucm C.m.sharma(babbu) 10/07/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 10/07/2016

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