अफ़सोस… IBN

काश ऐ-जिन्दगी तुं भी तरासी जाती किसी जौहरी के हाथों…
पर अफ़सोस हीरे की परख रखने वाले जौहरी अब मिलते कहां है…

.. . इंदर भोले नाथ…