एक देश दो निशान ? दो विधान ? नागालैंड को अलग पासपोर्ट ? ?????

बड़ेगा गुमान शुरू होगा अपमान और
शत्रुओं का ऊँचा मापदंड होता जाएगा
खोएगा अतीत, देशप्रेम ज्वाल होगी शीत
हावी देशभक्ति पे पाखंड होता जाएगा
चहुंओर होगी अंधकार की ही जय-जयकार
और तेज शून्य मार्तंड होता जाएगा
जब-जब ये अशोक सम्राट होंगे बुद्ध
भारत अखण्ड, खण्ड-खण्ड होता जाएगा

कवि देवेन्द्र प्रताप सिंह “आग”
9675426080