प्यासे दिलों के मेल – शिशिर मधुकर

कैसे बताएँ आपको हम अपने बुरे हालात
तन्हा गुजर रहा हैं सफर कोई नहीं हैं साथ
कहने को हर रिश्ता मेरे जीवन में हैं मौजूद
सबने ख़त्म किया मगर मुहब्बत का वजूद
मैं लुट गया सफर में इसका कोई ग़म नहीँ
अपनों ने ही मिलकर लूटा गैरों में दम नहीँ
कोई क्या करे ये सब तो किस्मतों के खेल
चाहने से कभी ना हुए प्यासे दिलों के मेल

शिशिर मधुकर

12 Comments

  1. mani mani 09/07/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 09/07/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 09/07/2016
  2. Rajeev Gupta RAJEEV GUPTA 09/07/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 09/07/2016
  3. babucm C.m.sharma(babbu) 09/07/2016
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 09/07/2016
  5. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 09/07/2016
  6. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 09/07/2016
  7. sarvajit singh sarvajit singh 09/07/2016
  8. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 09/07/2016

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