हम औरतें

हम औरतें
हृदय में
लज्जा और अपमान की
दर्द और बोझ लेकर
यहाँ से वहाँ
क्यों दौड़ते रहेंगे

किसी की बलत्कार के बाद
हत्या होने पर
या किसी को
जिन्दा जलाने पर
घर से निकलकर
मृत आत्मा की शान्ति
के लिए
सड़क पर मोमबत्ती
क्यों जलायेगें

हम भी तो
बन्द मुट्ठी को आसमान की अोर
दिखाकर
लज्जा और अपमान के
खिलाफ बोल सकेंगे
पत्थरों से आग
जला सकेंगे
और उस आग से
बुरे लोगों का
बुरा मनसिकता को
जला सकेंगे

8 Comments

  1. babucm C.m.sharma(babbu) 08/07/2016
    • chandramohan kisku chandramohan kisku 09/07/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 09/07/2016
    • chandramohan kisku chandramohan kisku 09/07/2016
  3. Sukhmangal Singh sukhmangl 09/07/2016
    • chandramohan kisku chandramohan kisku 09/07/2016
  4. mani mani 09/07/2016
  5. sarvajit singh sarvajit singh 09/07/2016

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