तुम से हर खुशीं

कभी हम घबरा जाते है
कभी तुम शरमा जाते हो

मिलना तो रोज कहॉ होता हैं
जिस दिन किस्‍मत तुम टकरा जाते हो

हम अपनी नजर उठाते है
तुम दिल में उतर जाते हो

कुछ अच्‍छा नहीं लगता है
तुम क्‍या क्‍या रोग दे जाते हो

प्‍यार के अंगारों में हम जलते हैं
दर्द तुम सहते हो और खुशींं हमें दे जाते हो
:-@अभिषेक शर्मा

15 Comments

  1. Rajeev Gupta RAJEEV GUPTA 08/07/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 08/07/2016
  3. mani mani 08/07/2016
  4. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 08/07/2016
  5. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 08/07/2016
  6. C.M. Sharma C.m.sharma(babbu) 08/07/2016
  7. sarvajit singh sarvajit singh 08/07/2016

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