स्वप्न की देवी

मन्दिर -मस्जिद जाहेर थान
मेरे लिए सभी है बेकार
यदि न मिले तुम्हारी प्यार

पुरे दुनिया से कहो
तुम मेरी आशा हो
आराम और विश्वास भी

स्नान -उपवास -पूजा
किसी काम का नहीं है
तुम्हारी नरम स्पर्श
मिठी चुम्बन
मुझे स्वर्ग को ले जाती है

सभी झूठ
सभी छलना है
जाहाँ तुम न रहो
वह भी कोई जीना है?

तुम मेरी प्राण हो
मन जाहेर की देवी हो
मैं केवल नाम मात्र
मेरी पहचान तुम हो.

8 Comments

  1. babucm C.m.sharma(babbu) 07/07/2016
    • chandramohan kisku chandramohan kisku 08/07/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 07/07/2016
    • chandramohan kisku chandramohan kisku 08/07/2016
    • chandramohan kisku chandramohan kisku 08/07/2016
  3. mani mani 07/07/2016
    • chandramohan kisku chandramohan kisku 08/07/2016

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