ईद मुबारक

देखो गले मिलते सनी व सत्तार सबकों ईद मुबारक
रब तू भर दे हर दिल मे प्यार सबकों ईद मुबारक।।

हर कोई खुश हो यहाँ गम का नामोंनिशान न हो
भर जाये सबकी झोली अपार सबकों ईद मुबारक।।

सेवई खायें और खिलाये, बैरी को भी पास बुलायें
हर दिल मे बजायें मधुर झंकार सबकों ईद मुबारक।।

फर्क रहे न कोई हमारे बीच अमीरी और गरीबी का
मिल कर सजाये रब का द्वार सबकों ईद मुबारक।।

रब से दुआ माँगता है यह कुशक्षत्रप हाथ जोड़कर
बन्दों के नेक सपने कर साकार सबकों ईद मुबारक।।
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सुरेन्द्र नाथ सिंह “कुशक्षत्रप”

15 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 07/07/2016
    • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 07/07/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 07/07/2016
  3. sarvajit singh sarvajit singh 07/07/2016
    • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 07/07/2016
  4. babucm C.m.sharma(babbu) 07/07/2016
    • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 07/07/2016
  5. mani mani 07/07/2016
    • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 07/07/2016
    • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 07/07/2016
  6. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 07/07/2016
    • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 07/07/2016
  7. Rajeev Gupta RAJEEV GUPTA 07/07/2016
    • सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 07/07/2016

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