एक ऐसा जहान (Our world)

अब मिलेगे जहां वो जहान दूसरा होगा ,,,,,
उस जहां की अलग रौशनी एक अलग सवेरा होगा,,,,
रात के घने अँधेरे को चीरता हमेशा एक पूरा चाँद होगा ,,,,
जहां मिलने पर हमारे हर वक़्त बारिश का समां होगा ,,,,
जहां आसमान पर बारिश की बूँदों से छन कर हर पल एक इंद्रधनुष बनता होगा,,,
जहां तेरी मेरी बातो को सुन ने वाला ना कोई होगा ,,,,
जहां तुम बोलोगी मै सुनुगा,,,,जहां तुम सुनोगी मै बोलूगा ,,,,
जहां क्या कहू तुम्हे ये मुझे न सोचना होगा,,,,,,,
जहां मे्रे कुछ भी कहने पर तुम्हे ना रोकना होगा ,,,,
जहां तुम्हारे दिलो-दिमाग पर ना कोई बंदिश होगी ना बंधन होगा ,,
ना किसी भी तरह की रुकावट का कोई भय होगा ,,,,
जहां सुकून से मैं तुम्हारे साथ घंटो बैठ सकूगा,,,,
जहां अपनी हर बात तुमसे बिन संकोच कह सकूगा ,,,,
जहां तुम्हे मुझ पर और मुझे तुम पर इस कदर भरोसा होगा,,,,
कि हमारे बीच शक और सवालों का नहीं कोई बसेरा होगा ,,,,
जहां ना कुछ तेरा ना मेरा होगा,,,,जो भी होगा बस हमारा होगा,,,,
दरमियान तेरे मेरे बीच ना कोई और होगा,,,,
बिना बंदिश और बिना बंधन के वो जहान सिर्फ हमारा होगा,,,,
कट जाएगा ज़िंदगी का ये सफर उस पल के इंतज़ार में ,,,,,
गर कर लो वादा तुम कि हम मिलेगे ज़रूर ऐसे इक जहान में

(for more poems visit: https://touchmydil.blogspot.in/

AMIT ARORA

2 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 06/07/2016

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