बेटी

माँ का सपना तो
पिता का गुरूर बन जाती है बेटी..!
जिस के जन्म से दुखी था परिवार
उनकी खुशियों का कारण बन जाती है बेटी..!!
जब जन्म हुआ उसको पिता के दिल में बेबसी छाई
माँ की आँखें भी भर आई…
किसी ने कहा लक्ष्मी….
तो किसी ने कहा कलंकिनी है आई..
फिर भी इतनी नफरतों के बीच प्यार का सागर बन जाती है बेटी..
झूठ कहते हैं लोग पिता का सहारा होते हैं बेटे
आखिरकार सबकी दुलारी बन जाती है बेटी..
पिता की लकड़ी तो माँ की हिम्मत बन जाती है बेटी..
भूल के अपने सपनों को सबका गुरूर बन जाती है बेटी..
जिसके जन्म से मची थी रूसवाई
अब उसके कारण खुशियाँ है आई
कहने को तो बेटी होती है पराई
पर परायों के लिए भी अपनी हो जाती है बेटी
कलियुग के इस दौर में अपनों के लिए सब कुछ कर जाती है बेटी..

9 Comments

  1. babucm C.m.sharma(babbu) 05/07/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 05/07/2016
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 06/07/2016
  4. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 15/07/2017

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