हम बनाएँगे अपना घर

होगा नया कोई रास्ता
होगी नयी कोई डगर
छोड़ अपनी राह तुम
चली आना सीधी इधर||

मार्ग को ना खोजना
ना सोचना गंतव्य किधर
मंज़िल वही बन जाएगी
साथ चलेंगे हम जिधर||

कुछ दूर मेरे साथ चलो
तब ही तो तुम जानोगी
हर ओर अजनबी होंगे
लेकिन ना होगा कोई डर ||

तुम अपनाकर मुझे
अपना जब बनाओगी सुनो
हम तुम वही रुक जाएँगे
होगा वही अपना शहर||

खुशियाँ, निष्ठा, समर्पण,त्याग, सम्मान की
ईट लगाएँगे जहाँ
प्रेम के गारे से जोड़
हम बनाएँगे अपना घर ||

© शिवदत्त श्रोत्रिय

14 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 05/07/2016
    • shivdutt 05/07/2016
  2. अकिंत कुमार तिवारी 05/07/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 05/07/2016
    • shivdutt 05/07/2016
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 05/07/2016
  5. babucm C.m.sharma(babbu) 05/07/2016

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