हकीकत

वो इज्जत तो करता है पर रवादारी नही समझता ,
वो दोस्त कह तो देता है जिम्मेदारी नही समझता !!
मेरी आरजू है मेरी मोहब्बत के अफसाने लिखे जाये ,
मगर मेरा सनम दिलो की साझेदारी नही समझता !!
कई दोस्तो से तो यूं ही बेमतलब साथ छूट गया ,
कि वो मेरी दुश्मनी देख लेता है यारी नही समझता !!
मोहब्बत मे जरूरी है दोनो तरफ से परवाह ,
वो मेरी परवाह से तो वाकिफ है खुद की बारी नही समझता !!
वो हर बात पर कह देना तुम्हारा की हम ऐसे ही है ,
ये पागल दिल प्यार समझता है अदाकारी नही समझता !!
बूढे किसान से क्यूं करते हो इतना मौल-भाव ,
वो सिर्फ जमीन बोता है जमींदारी नही समझता !!
कल तक जो था घूस देकर परेशान ,
एक प्रयत्न निखरा वो परेशानी अब अधिकारी नही समझता !!
वो जीतने भर के लिए अपनों के दिल दुख देता हैं ,
मैं ऐसी जीत में कभी समझदारी नहीं समझता !!
क्यों मौत का सबब बना देते हैं इश्क़ में हार जाने को लोग ,
वो प्यार क्या करेगा जो ज़िंदगी प्यारी नहीं समझता !!
दिल जब तक बच्चा है तभी तक खुश हैं ,
उसे बड़ा मत होने देना बच्चा दुनियादारी नहीं समझता !!

7 Comments

  1. Dr Chhote Lal Singh Dr Chhote Lal Singh 05/07/2016
  2. mani mani 05/07/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 05/07/2016
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 05/07/2016
  5. babucm C.m.sharma(babbu) 05/07/2016
  6. Siddhant 06/07/2016

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