कैसा है ईमान मुसल्लम ?

कैसा है ईमान मुसल्लम ??

देखो ये ईमान मुसल्लम
ढाका में रमजान मुसल्लम
कैसे ये फल फूल रहे हैं
आतंकी अरमान मुसल्लम

जहाँ थे कभी मलमली बिस्तर
चलते अब बारूदी नश्तर
क़त्लेआम वहाँ पर करते
अल्लाह के जेहादी लश्कर
खूनी होली के आते हैं
रोज़ नये फ़रमान मुसल्लम
देखो ये ——–

जिसे कुरानी आयत आती
जान सिर्फ उसकी बच पाती
अल्लाह अकबर के नारों से
छुरियाँ गर्दन पर चल जाती
नित-नित नये धमाके करते
आतंकी शैतान मुसल्लम
देखो ये ——–

ईद और बकरीद जो आए
खूनी खेल शुरू हो जाए
निर्दोषों का कत्ल करें सब
इफ्तारो में बोटी खायें
लाखों पशु सब धर्म-नाम पर
कर देते कुर्बान मुसल्लम
देखो ये ———

अबलाए सारी ग़मगीनें
बच्चों की हैं एक मशीनें
तात भ्रात सब हुए कलंकी
बेटी बहन हुईं रंगीनें
हवस वासना के गुलाम सब
बन बैठे हैवान मुसल्लम
देखो ये ——–

हिन्दू त्योहारों से जलते
मस्जिद में आतंकी पलते
जब ढाका कर डाला ढक्कन
फ़िर क्यों आँख सभी अब मलते
फल है यही कुरान ग्रंथ का
कैसे कहूँ कुरान मुसल्लम ?
देखो ये ———

सोये हो क्यों अब तो जागो
कड़वे सच से अब ना भागो
ज़हर, ज़हर का ही इलाज है
तुम भी तीर निशाने दागो
अब तो जग-जाहिर हो बैठी
आतंकी पहचान मुसल्लम
देखो ये ———-

कवि देवेन्द्र प्रताप सिंह “आग”
9675426080
???????
???????