ये दुनियाँ मौन है

तेरा फिक्र करेगा कौन ?
ये दुनियाँ मौन !
सब आपने धुन में मस्त
लिप्सा में लीन हैं व्यस्त
अब आह सुनेगा कौन ?
ये दुनियाँ मौन !

कोई दुर्दिन का साथी नहीँ
निज मन का विश्वासी नहीँ
हमदर्द बनेगा कौन ?
ये दुनियाँ मौन !

खो रहा आज अपनापन
रो रहा अधर में बचपन
तस्वीर बदलेगा कौन ?
ये दुनियाँ मौन !

धूसरित गुलिश्तां हो रहा
दामन पर दाग सब ढो रहा
नफ़रत हारेगा कौन ?
ये दुनियाँ मौन !

अंगार सदृश जीवन है
गर्दिश में फँसा ये जन है
इसे मुक्त करेगा कौन ?
ये दुनियाँ मौन !
!
!
डॉ सी एल सिंह

7 Comments

  1. mani mani 21/07/2016
  2. babucm C.m.sharma(babbu) 21/07/2016
  3. Gumnam Kavi 21/07/2016
  4. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 21/07/2016
  5. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 21/07/2016
  6. sarvajit singh sarvajit singh 21/07/2016
  7. अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 22/07/2016

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