‘बढ़े तू चल!’_अरुण कुमार तिवारी

बढ़े तू चल!
बढ़े तू चल!

नहीं कुछ ग़म, न मुश्किल कम!
न अब तू थम,सम्भाले दम!
तपाये दाह ,बढ़े उत्साह !
लगाये थाह ,जो मद्धिम राह!
चले जल थल!

बढ़े तू चल!
बढ़े तू चल!

हो सदल निडर,जो कठिन डगर!
जो रोध अगर ,हो विजित समर!
लिए दल बल, यूँ नद कल-कल!
नहीँ अब टल ,बढ़ें पल पल !
तू बने अनल!

बढ़े तू चल!
बढ़े तू चल!

जो तमस घिरा,हो अश्व गिरा!
अनन्त सिरा, अभेद्य निरा!
भ्रष्ट हो तन्त्र,हो जिर्णित यन्त्र!
संघ्य ले जन्त्र,हो शक्तिम् मन्त्र!
हो यत्न अचल!

बढ़े तू चल!
बढ़े तू चल!

-‘अरुण’
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18 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 04/07/2016
    • अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 04/07/2016
  2. Rinki Raut Rinki Raut 04/07/2016
    • अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 04/07/2016
    • अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 04/07/2016
  3. mani mani 04/07/2016
    • अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 04/07/2016
  4. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 04/07/2016
    • अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 04/07/2016
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 04/07/2016
    • अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 04/07/2016
  6. C.M. Sharma C.m.sharma(babbu) 04/07/2016
    • अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 04/07/2016
  7. sarvajit singh sarvajit singh 04/07/2016
    • अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 05/07/2016
  8. अकिंत कुमार तिवारी 05/07/2016
    • अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 30/07/2016

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