कविता नहीं है यह

कविता नहीं है यह
मिठी -मिठी शब्दों से बना
गीत भी नहीं
तुम्हारे होठों पर मुश्कान लानेवाली
हास्य कहानी भी नहीं है यह
यह गरीबों के
खाली पेट की आग है
बलत्कारित लड़की की
बूँद-बूँद आँसू है

कविता नहीं है यह
मिठी गीत के बोल भी नहीं
मन को मोहित करनेवाली
बाँसुरी की सुर भी नहीं
यह नगाड़े की
भयंकर आवाज है
नर्मदा की आदिवासियों की
अधिकार की माँगे है
कलिंग नगर के लोगों की
लाल खून है
ईरोम शर्मिला चानु की
एक -एक साँसे है.

11 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 04/07/2016
    • chandramohan kisku chandramohan kisku 04/07/2016
      • chandramohan kisku chandramohan kisku 08/07/2016
    • chandramohan kisku chandramohan kisku 04/07/2016
  2. mani mani 04/07/2016
    • chandramohan kisku chandramohan kisku 04/07/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 04/07/2016
    • chandramohan kisku chandramohan kisku 04/07/2016
  4. C.M. Sharma C.m.sharma(babbu) 04/07/2016
    • chandramohan kisku chandramohan kisku 04/07/2016

Leave a Reply