क्या ?

राज़ जो दिल में थी दबा दी गई क्या
ज़िन्दगी के पन्नों से वो नाम मिटा दी गई क्या ?

पहले तो ये इलाक़ा महकते रहता था
वो बाग़ कलियों वाली मिटा दी गई क्या ?

आने से जिसके खुशियों की रौशनी आई थी आँगन में
ये अँधेरा ?वो चिराग बुझा दी गई क्या ?

पूरा शहर तो भरा रहता था बारूदों से
ये शांति?सारे दहशतगर्दों को सजा दी गई क्या ?

धधक रहा है पूरा शहर लोगों की गर्मी से
फिर उसी पुराणी बात को हवा दी गई क्या ?

शराफत का मिसाल बना रहा हुँ मैं
बहक रहा हुँ आज, मुझे पिला दी गई क्या ?

आँचल माथे पर से रुखसत है बहु की
घर के रीति रिवाज़ हटा दी गई क्या ?

11 Comments

  1. prafull 04/07/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 04/07/2016
    • Prakash Tripathi 04/07/2016
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 04/07/2016
    • Prakash Tripathi 04/07/2016
  4. C.M. Sharma babucm 04/07/2016
    • Prakash Tripathi 04/07/2016
  5. mani mani 04/07/2016
    • Prakash Tripathi 04/07/2016
  6. Shikhardeep singh 04/07/2016
  7. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 04/07/2016

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