माँ और सास

Behaviour as a mother and mother-in-law..

माँ के कदमों में जन्नत होती है।
जब बेटा दुखी होता है तो माँ रोती है।
पर कहाँ जाती है वो इंसानियत जब
कोई माँ किसी बहु की सास होती है।
क्यों भूल जाती है वो कि बहु
उसके बेटे की अर्धांगिनी होती है।
जब दुःख देती है बहु को,
तब दर्द बेटे के दिल को देती है।
उसकी बेटी भी किसी और की बहु होती है।
जब बेटी को देता है चोट कोई
तो वही सास अपनी बेटी के लिए रोती है।
लेकिन जब अपनी बहु को वो चोट देती है।
तो क्यों नहीं उसकी आह निकलती है।
आखिर वो बहु भी तो किसी और की
बेटी होती है।
मैं ये नहीं कहती सब सास होती हैं एक जैसी।
लेकिन होती हैं कुछ सास ऐसी भी
जो तड़पाती हैं बहु को,और खुश होती हैं।
और ऐसी ही सास अपनी मानवता को खोती हैं।

By:Dr Swati Gupta

16 Comments

  1. babucm C.m.sharma(babbu) 03/07/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 04/07/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 03/07/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 04/07/2016
  3. mani mani 04/07/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 04/07/2016
  4. tamanna tamanna 04/07/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 04/07/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 04/07/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 04/07/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 04/07/2016
  5. sarvajit singh sarvajit singh 04/07/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 04/07/2016
  6. Sukhmangal Singh sukhmangl 06/07/2016

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