गैर मज़हबी ।

इदी के तौर पर,किसी को पैसे,खिलौने मिले,
गैर मज़हबीओं को, मौत के बिछौने मिले..!
इन बेहूदा मज़हबों में ढूँढ़ा, इक दोस्त मगर,
मिले भी तो,कुछ क़ातिल,वहशी घिनौने मिले…!

इदी = ईद के त्योहार पर दिए जाने वाले तोहफ़े;
गैर मज़हबी = परधर्मी; मौत का बिछौना = मृत्युशैया, मौत;
बेहूदा = संस्कारहीन; वहशी = जंगली; घिनौना = घृणास्पद;

” ये लोग किस तरह के मुसलमान हैं? उन्होंने रमजान की तरावीह (खास नमाज) के असल संदेश का उल्लंघन किया और लोगों की हत्या की है। आतंकवाद ही उनका धर्म है।”

– शेख हसीना जी, बांग्लादेश । http://goo.gl/qde8UH

मार्कण्ड दवे । दिनांकः ०२ जुलाई २०१६.

GAIR MAZHABI

10 Comments

  1. mani mani 03/07/2016
    • Markand Dave Markand Dave 04/07/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 03/07/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 03/07/2016
    • Markand Dave Markand Dave 04/07/2016
  4. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 03/07/2016
  5. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad Sharma (Bindu) 03/07/2016
    • Markand Dave Markand Dave 04/07/2016

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