मिलने का टाइम….

एक हसीना ने थप्पड़ रसीद कर दिया जब…
पुछा जो दोस्त से के क्या हुआ ये सब…..
गाल पे थप्पड़ पाँचों उँगलियों के हैं निशाँ….
क्या कर दिया जुलम तुम्हारी जानेंजानां…
बोला कमसिन नादां है शर्माती है सबके सामने…
हिसाब से बोली है शाम 5 बजे आ जाना मुझसे मिलने….

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/सी.एम. शर्मा (बब्बू)……

(आवश्यक सूचना: कृप्या ध्यान दें यह रचना सर्वजीतजी की रचना “उनकी मोहब्बत – मेरी शायरी……बस तेरे लिए”…… को समर्पित है…..

16 Comments

    • babucm babucm 02/07/2016
  1. mani mani 02/07/2016
    • babucm babucm 02/07/2016
  2. sarvajit singh sarvajit singh 02/07/2016
    • babucm babucm 02/07/2016
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 02/07/2016
    • babucm babucm 02/07/2016
  4. Amar Chandratrai Amar Chandratrai 02/07/2016
    • babucm babucm 02/07/2016
  5. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 02/07/2016
    • babucm babucm 02/07/2016
    • babucm babucm 02/07/2016
  6. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 02/07/2016
    • babucm babucm 02/07/2016

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