नादाँ जिंदगी…….मनिंदर सिंह “मनी”

बहाने ढूंढती है हर रोज मौत,
जिंदगी से रु ब रु होने के लिए,
वक्त के इश्क में डूबी जिंदगी,
रजामंद नहीं किसी और का होने के लिए,
नादाँ जिंदगी बेखबर वक्त की बेवफाई से,
सोच रही कोई और नया ख्वाब बुनने के लिए,
जिंदगी हस रही, वक्त की बाँहों में, दिल भरा जब,
वापिस ले ली मिटटी तक, जो दी थी श्रृंगारराने के लिए,
मौका भी नहीं दिया अपनी खता पूछने का,
ले चली मौत जिंदगी को, सच्चे कुटुम्भ से मुलाकात के लिए,

14 Comments

  1. आदित्‍य 01/07/2016
    • mani mani 02/07/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 01/07/2016
    • mani mani 02/07/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 01/07/2016
    • mani mani 02/07/2016
  4. C.M. Sharma C.m.sharma(babbu) 01/07/2016
    • mani mani 02/07/2016
  5. sarvajit singh sarvajit singh 01/07/2016
  6. mani mani 02/07/2016
  7. Amar Chandratrai Amar Chandratrai 02/07/2016
  8. mani mani 02/07/2016
  9. mani mani 02/07/2016

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