आखिरी शाम

मिलना है, तुझसे जरूर चाहे चलते-चलते जिंदगी की आखिरी शाम आ जाये,
शहर में अँधेरा हो पर मेरी आँखों में तेरे प्यार की रोशनी हो,
ये काश मोहब्ब्त में मेरे वो मक़ाम आ जाये,
तेरी जुल्फों की छाओं में कुछ पल सुकून मिले मेरे थके दिल को थोड़ा आराम आ जाये ,
और बस तेरी आँखों में ही मैं देखता रहूं कि खुदा का आखिरी पैगाम आ जाये ,
गर वो पूछे कि बता तेरी आखिरी ख्वाइश क्या है?
मैं कहूं एक आखिरी बार होठों पे उसका नाम आ जाये………….!!

8 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 30/06/2016
    • saurabh pandey pandey sauabh 01/07/2016
  2. babucm C.m.sharma(babbu) 30/06/2016
    • saurabh pandey pandey sauabh 01/07/2016
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 01/07/2016
    • saurabh pandey pandey sauabh 01/07/2016
  4. Amar Chandratrai Amar Chandratrai 01/07/2016
    • saurabh pandey pandey sauabh 01/07/2016

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