काश – अनु महेश्वरी

काश ऐसी हो जाए दुनिया,
मिट जाए आपस की दूरियाँ|
हर तरफ खुशियाँ छाए,
रोशनी से हर आँगन नहाए|

संतोष हो दिल में,
सादगी हो जीवन में|
बोली में हो मिठास,
हर रिस्ता बने खास|

खुद हंसे औरो को हंसाये,
नफरत मिटाए,
प्यार फैलाए,
माफ करना हमे आए|

काश ऐसी हो जाए दुनिया,
हर तरफ छाए खुशियाँ|

‘अनु माहेश्वरी’
चेन्नई

5 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 30/06/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 30/06/2016
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 30/06/2016
  4. Amar Chandratrai Amar Chandratrai 01/07/2016

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