अकाशवाणी

सावधान ! खामोश !!
मैं अकाशवाणी हूॅ।
अपना हाथ मुझे दे दो
यह जोर की अवाज थी
चैकन्ना बन कर वह देखता रहा
बोला ! तुम कौन हो घ्
तभी आवाज आई
मैं इंसाफ हूॅ।
तूनें अपने इन हाथों से
बडे़ अधर्म और पाप किये हैं
इसकी सजा मिलेगी
मैं तुम्हारा हाथ काटकर
दवा दूगाॅ तेरा गला
वह घबराया !
पसीने से तर वतर
घिघ्घी सी बंध गई उसकी
फिर भी मुहॅ खोला
बोला ! ऐसा मैंने क्या किया है घ्
अवाज आई ! अरे नादान
तूनें मर्यादा के
हर बंधन को तोड़ा है।
तेरे हाथ खून से रंगे है
तूने अपहरण
लूट मार किया है।
मैं इंसाफ करता हूॅ
अब मैं तुम्हें प्राण दण्ड़ दूगाॅ
छह फुट का जवान मर्द
अवाज सुनते हिल गया
सर्द सा बनकर रह गया।
थरथराहट से उसका कलेजा कापॅ गया
मृत्यु को पास देख वह घबराया
धीमी आवाज में बोला
मुझे छोड़ दो !मेरे प्राण बख्स दो!!
मैंने क्या विगाड़ा है आपका
मैं अपने सारे बुरे करम छोड़ दूगाॅ
आपके शरण में हूॅ
माफ कर दो मुझे।
अरे मुरख!
तेरे जैसे लोग
कलंक है दुनिया के लिए।
घर.गाॅव.शहर.बस्ती
देश.परदेश
सबके लिए तुम बेकार हो।
तेरा मरना जरूरी है
तेरे जैसे को
चुन.चुनकर मारने आया हूॅ।
वह बेहोश होकर गिरा
फिर से कभी होश न आया
मेरा संदेश इस देश के लिए
अच्छा बनो अच्छा रहो
एक इंसान बनकर इंसाफ करो।
मैं इंसाफ हॅू
भलाई और खैर चाहता हूॅ
कर्म को प्रधान बनाओं
विश्वास करो
सबका भला होगा।
बी पी शर्मा बिन्दु

Writer Bindeshwar Prasad Sharma (Bindu)
D/O Birth 10.10.1963
Shivpuri jamuni chack Barh RS Patna (Bihar)
Pin Code 803214

8 Comments

  1. babucm babucm 30/06/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad Sharma (Bindu) 30/06/2016
  2. Amar Chandratrai Amar chandratrai Pandey 30/06/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad Sharma (Bindu) 30/06/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad Sharma (Bindu) 30/06/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 30/06/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad Sharma (Bindu) 04/07/2016

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