इंसान…

जरुरी नहीं है फरिश्ता होना ,
इंसा का काफी है इंसा होना ||

हकीकत ज़माने को अब रास नहीं आती,
एक गुनाह सा हो गया है आईना होना ||

बाद में तो… कारवां बनते जाते है,
बहुत मुश्किल है लेकिन पहला होना ||

हवाओं के थपेड़े झेलने पड़ते है, ऊंचाई पे,
तुम खेल समझ रहे हो परिंदा होना ||

ये लोग, जीते जी मरे जा रहे हैं,
मैं चाहता हूँ मौत से पहले जिंदा होना ||

अपनी गलतियों पे भी नजरे झुकती नहीं अब,
लोग भूलने लगे हैं शर्मिंदा होना ||

हर्फे मोहब्ब्त, पढ़ा हमने भी था “मोहन”,देखा भी था
वफ़ा होना खफा होना जफ़ा होना जुदा होना ||

# हेमन्त मोहन

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19 Comments

  1. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 30/06/2016
    • हेमन्त'मोहन' 30/06/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 30/06/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 30/06/2016
  4. babucm babucm 30/06/2016
  5. Amar Chandratrai Amar chandratrai Pandey 30/06/2016
  6. Shiva 30/06/2016
  7. पंकज रावत 07/07/2016

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