ख्वाइश

मिलना है तुझसे जरूर चाहे चलते-चलते जिंदगी की आखिरी शाम आ जाए
शहर में अँधेरा हो पर आँखों में तेरे प्यार की रोशनी हो, काश मोहब्बत में मेरे ओ मक़ाम आ जाये,
तेरी जुल्फो की छाओ में कुछ पल को सुकून मिले मेरे थके दिल को थोड़ा आराम आ जाये,
और बस तेरी अाँखों में ही मैं देखता रहूं कि खुदा का आखिरी पैगाम आ जाए,
गर ओ पूछे बता तेरी आखिरी ख्वाइश क्या है?
तो मैं कहूं एक आखिरी बार होठों पर उसका नाम आ जाए …………….

6 Comments

  1. Amar Chandratrai Amar Chandratrai 29/06/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 30/06/2016
  3. babucm babucm 30/06/2016
  4. Saviakna Savita Verma 20/07/2016
  5. Rishi kc 21/05/2017

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