खामोश है ज़िंदगी |ग़ज़ल|

खामोश है ज़िंदगी ग़म का तूफ़ान है |
यादों से हलचल मन का आसमान है |

चाहत की निशाँ मिटायी नहीं है मैंने |
तेरे जाने से फ़िर भी ज़िंदगी विरान है |

तन्हाई ही तन्हाई लबों पे तेरा नाम ,
दिल को तेरी चाहत का अरमान है |

दर्दे ग़म छूपा के जी रहे है आजकल |
खामोश चेहरा में झूठी मुस्कान है |

कहते थे तेरा नाम भूला देंगे सनम |
ना भूला सके,तुमबिन परेशान है |

7 Comments

  1. mani mani 29/06/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 29/06/2016
  3. Amar Chandratrai Amar Chandratrai 29/06/2016
  4. Dushyant Patel Dushyant patel 30/06/2016
  5. babucm babucm 30/06/2016
  6. Dushyant Patel Dushyantpatel 30/06/2016

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