हे कमलनाथ, हे आनंदसागर

हे कमलनाथ, हे आनंदसागर
हे नंदलाला , हे बनवारी
करू आरती मन श्रध्दा से
तेरी लीला सबसे न्यारी

मिलती है शांति तेरी चरणों में
आजा भगवन मेरी गलियों में
मिटा दे मेरे मन की पीड़ा
हे मधुसुदन , हे गिरधारी

वो नटखट मेरे घनश्याम
रटता रहूँ कान्हा तेरा नाम
हे बालगोपाल , हे मदनगोपाल
प्रिया नाम के तू है पूजारी

हे जगन्नाथ , हे मुरलीमनोहर
हे गोपालप्रिया , हे मुरलीधर
आ मेरे मन वृन्दावन में
हे मनमोहन , हरे मुरारी

झुमें नाचे धरती गगन
हे माधव तेरे पाके दर्शन
हे ज्ञानेश्वर ,हे देवकीनन्दन
हे कमलनयन ,हे बांके बिहारी

दुष्यंत कुमार पटेल “चित्रांश”

3 Comments

  1. Amar Chandratrai Amar Chandratrai 29/06/2016
  2. Dushyant Patel Dushyant kumar patel 30/06/2016
  3. babucm babucm 30/06/2016

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