हमनजर हो जाइये या हमसफ़र हो जाइये…(गजल)

हमनजर हो जाइये या हमसफ़र हो जाइये…

आज हमसे मिल के अब शाम-ओ-सहर हो जाइये…

बिन तेरे चारों तरफ कैसा अँधेरा छा गया…

इस अँधेरी रात में आ दोपहर हो जाइये…

तू गया तड़पा हूँ तबसे तेरी बाँहों के लिए…

जो भरे आगोश में ऐसी लहर हो जाइये…

या बसा दे ये जहाँ आकर के मेरे पास में…

छीन ले या जिन्दगी ऐसा कहर हो जाइये…

-सोनित

18 Comments

  1. tamanna tamanna 29/06/2016
  2. babucm babucm 29/06/2016
    • सोनित 29/06/2016
  3. babucm babucm 29/06/2016
    • सोनित 29/06/2016
  4. अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 29/06/2016
    • सोनित 29/06/2016
  5. Amar Chandratrai Amar Chandratrai 29/06/2016
  6. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 29/06/2016
  7. mani mani 29/06/2016
  8. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 29/06/2016
    • सोनित 29/06/2016

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