इश्क में ।

गिरे होते यूँ ही तो, शायद उठ भी जाते खुद,
गिरे हैं इश्क में अब तो, उनके उठाए, उठेंगे…!

मार्कण्ड दवे । दिनांकः २६ जून २०१६.

ISHK ME

10 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 29/06/2016
  2. C.M. Sharma babucm 29/06/2016
  3. अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 29/06/2016
    • Markand Dave Markand Dave 30/06/2016
  4. Amar Chandratrai Amar Chandratrai 29/06/2016
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 29/06/2016

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