ज़िन्दगी “इक पहेली”

कभी तड़पाती है ये ज़िन्दगी…
कभी हंसाती भी है ये ज़िन्दगी …..!!
मन के अंधेरों से लेकर मन के उजालों तक
हर कदम नयी राह भी दिखाती है ये ज़िन्दगी ….!!
ऊंची उड़ान भरने के लिए कभी मन को बहलाती है ये ज़िन्दगी
कभी परेशानियों से घिरने पर मन को भी भटकाती है ये ज़िन्दगी ….!!
कभी रेशम की तरह मुलायम सी है ये ज़िन्दगी
तो कभी पत्थर की तरह कठोर सी है ये ज़िन्दगी …!!
कभी सुनहरे पंख लगा दे इक नयी सफर के उड़ान में…
कभी उड़ाते हुए जमीन पर धड़ से गिरा दे ये ज़िन्दगी ….!!
कभी किसी उदास कहानी की तरह है ये ज़िन्दगी
तो कभी मजेदार कविता की तरह है ये ज़िन्दगी ..!!
कभी है इसका रंग ख़ूबसूरत इंद्रधनुषी
कभी ओढ़ ले सादगी भरी सफेदी ये ज़िन्दगी ..!!
जाने क्या राज छुपाए बैठी है अपने अंदर ….
कभी बहुत सुलझी सी है तो कभी पहेली सी है ये ज़िन्दगी …!!!

4 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 29/06/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 29/06/2016
  3. babucm babucm 29/06/2016

Leave a Reply