मज़हब

जन्म से नहीं होती किसी की पहचान l
किस मज़हब में पैदा हुआ ये इंसान ll
हम ही नामों में मज़हब तलाशते है l
उसे अलग-अलग धर्म का बतलाते है ll

मज़हब ईश्वर ने नहीं इंसान ने बनाया l
हिन्दू,मुस्लिम,सिख,ईसाई रूप में आया ll
मज़हब ने तो ईश्वर को भी बाँट दिया l
यीशु,अल्लाह,वाहेगुरु,राम नाम दिया ll

मज़हब की आड़ में दिलों के हुए बटवारे l
आपस में ही लड़ पड़े धर्म की चादर डारे ll
इंसानियत मर गयी ना कुछ मिल पाया l
ये कैसा मज़हब अपनों को पराया बनाया ll

बनाना है प्यार को अपना मज़हब बनाओ l
अपने बीच भेदभाव की दीवार को गिराओ ll
ईश्वर एक है धर्म का उसे चोला मत पहनाओ l
हिन्दू,मुस्लिम,सिख,ईसाई सबको गले लगाओ ll

भूख में ये मज़हब कभी नज़र नहीं आता l
माँ के प्यार से बड़ा मज़हब नहीं कहलाता ll
गीता हो या कुरान हमें यही सब बतलाती है l
आपस में प्यार से रहना हमको सिखाती है ll

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20 Comments

  1. mani mani 28/06/2016
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 28/06/2016
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 28/06/2016
  2. अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 28/06/2016
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 28/06/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 28/06/2016
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 28/06/2016
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 28/06/2016
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 28/06/2016
  5. tamanna tamanna 28/06/2016
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 28/06/2016
  6. sonit 28/06/2016
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 28/06/2016
  7. C.M. Sharma babucm 28/06/2016
    • Rajeev Gupta Rajeev Gupta 28/06/2016
    • Rajeev Gupta RAJEEV GUPTA 29/06/2016
  8. Amar Chandratrai Amar Chandratrai 28/06/2016
  9. Rajeev Gupta RAJEEV GUPTA 29/06/2016

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