जाने क्या हुआ है सोचता हूँ..

जाने क्या हुआ है सोचता हूँ
बादल की आड़ लिए रह रह
कुछ सूरज ढुक ढुक देखता है

तुम घर से यूँ निकला न करो..

-सोनित

12 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 28/06/2016
    • sonit 28/06/2016
  2. अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 28/06/2016
    • सोनित 28/06/2016
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 28/06/2016
    • sonit 28/06/2016
  4. sonit 28/06/2016
    • sonit 28/06/2016
  5. Amar Chandratrai Amar Chandratrai 28/06/2016
    • sonit 28/06/2016

Leave a Reply