इन्तज़ार ।

जन्नत का, तू इन्तज़ार ना कर हाजी,
हो चुके हैं दर्ज़, कई आतंकी पहले से..!

जन्नत = स्वर्ग;
हाजी = वह जो हज कर आया हो;
आतंकी = आतंकवादी;
दर्ज़ = पंजीकृत, रेकार्ड;
मार्कण्ड दवे । दिनांकः २४ जून २०१६.

INTAZAR

4 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 27/06/2016
    • Markand Dave Markand Dave 28/06/2016

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