रिश्ता……

बड़ा अजीब रिश्ता है हमारा तुम्हारा,
एक होकर भी एक दूजे के हो न सके !
वैसे तो राही हम एक सफर के थे
मगर मंज़िल अपनी एक बना न सके !!
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डी. के. निवातियाँ …………….!!

10 Comments

  1. sarvajit singh sarvajit singh 26/06/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 26/06/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 26/06/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 26/06/2016
  3. अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 26/06/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 26/06/2016
  4. babucm babucm 27/06/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 27/06/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 27/06/2016

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