सफर ।

रास्ता आप ही कभी, सफर ना बन पाएगा,
हौसला बढ़ा, क़दम उठा, दूर नहीं मंज़िल ।

मार्कण्ड दवे । दिनांकः ११ जून २०१६.

4 Comments

  1. mani mani 26/06/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 26/06/2016
    • Markand Dave Markand Dave 27/06/2016

Leave a Reply