हिन्‍दुस्‍तानी

जीत लेते हैं प्‍यार से सब का दिल
नफरत को हम किनारा बोलते हैं

पूछ लेता हैं,जब कोई मजहब हमें
तो एक हिन्‍दुस्‍तानी ही बोलते हैं

दिल मे बसतें हैं हमारे महात्मा गांधी,
पर जुबांन से वहीं भगत सिंह इंकलाब बोलते हैं

मत दिखा मौत का आंतक हमें,
हम तो रोज मौत को सलाम बोलते हैं |
@:-अभिषेक शर्मा

21 Comments

  1. mani mani 25/06/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 25/06/2016
  3. अकिंत कुमार तिवारी 25/06/2016
  4. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 25/06/2016
  5. shrija kumari shrija kumari 25/06/2016
  6. आदित्‍य 25/06/2016
  7. आदित्‍य 25/06/2016
  8. sarvajit singh sarvajit singh 25/06/2016
  9. babucm C.m.sharma(babbu) 26/06/2016
  10. अरुण कुमार तिवारी अरुण कुमार तिवारी 26/06/2016
  11. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 26/06/2016

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