मन का मंदिर

अपने मन को अब मंदिर बना लीजिये
उसमें लाकर भगवन को बिठा दीजिये ।

सुमन विश्वास का उन पर चढ़ा दीजिये
दीप दिल में ही अपना जला लीजिये ।

जिन्दगी देखो तो तेरी फिर सवर जायेगी
बहुत भटके थे उन्हे अब मना लिजिये ।

कण कण में बसे हैं देखो उनको अगर
याद करके आखों में ही बसा लीजिये ।

मंदिर मस्जिद चर्च गुरूद्वारा देखे बहुत
भ्रम छोड़कर भरोसा अब जमा लीजिये ।

बहुत सताया है माया और ममता तुम्हें
सत्य राहों पर खुद को चला लीजिये ।

याद रखना अपना करम ये और धरम
संस्कृति धरोहर है तेरी बचा लीजिये ।

बुरी आदतें अब तो बदल डालो तुम
सेवा जन जन में ऐसा फैला दीजिये ।

बी पी षर्मा बिन्दु

Writer Bindeshwar Prasad Sharma (Bindu)
D/O Birth 10.10.1963
Shivpuri jamuni chack Barh RS Patna (Bihar)
Pin Code 803214

8 Comments

  1. babucm babucm 25/06/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 26/06/2016
  2. mani mani 25/06/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 26/06/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 25/06/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 26/06/2016
  4. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 26/06/2016

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